सिटी पोस्ट लाइव : बिहार सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी में करोड़ों की नकदी बरामद होने के बाद भवन निर्माण विभाग के भ्रष्ट चीफ इंजीनियर तारिणी दास को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. नकदी की गिनती के लिए चार मशीनें मंगानी पड़ी थीं.तारिणी दास को सेवानिवृत्ति के बाद दो साल का सेवा विस्तार मिला था, लेकिन काले धन की बरामदगी के बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से उनका नियोजन रद्द कर दिया. इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव रमेंद्र कुमार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है.
भवन निर्माण विभाग और सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड में टेंडर मैनेज करने के नाम पर बड़े पैमाने पर घूसखोरी का खुलासा हुआ है. आरोप है कि ठेकेदारों से बिल पास करने के एवज में मोटी रकम वसूली जा रही थी. ईडी को मिले दस्तावेजों के आधार पर जिन अन्य अधिकारियों के ठिकानों से कम नकदी मिली है, उनकी आय और संपत्तियों की जांच भी जारी है.
गौरतलब है कि ईडी ने हाल ही में चीफ इंजीनियर तारिणी दास समेत सात लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान 11.64 करोड़ रुपये कैश बरामद किए गए. यह कार्रवाई आईएएस संजीव हंस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई. ईडी के अनुसार, छापेमारी ठेकेदार रिशु श्री की शिकायत के आधार पर की गई थी.