गया में चलती ट्रेन में हुए सोना लूट कांड में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला खुलासा हुआ है। ट्रेन की सुरक्षा में तैनात जीआरपी के थानाध्यक्ष समेत चार जवान ही इस वारदात के आरोपी निकले हैं। पटना रेल एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पर कड़ी कार्रवाई की है।
दरअसल, यह घटना 21 नवंबर की है, जब 22307 हावड़ा–बीकानेर एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे एक कारोबारी के स्टाफ से 1 किलो सोना लूट लिया गया था। पीड़ित की पहचान धनंजय शाश्वत के रूप में हुई है। मामले में 29 नवंबर को गया रेल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वहीं, जांच के लिए पटना रेल एसपी के नेतृत्व में गठित टीम ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर खुलासा किया कि इस लूट में गया रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह समेत कई जीआरपी जवानों की सीधी संलिप्तता है। जांच के बाद बुधवार को थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर रेल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
सोना लूट की गहन जांच के लिए तीन डीएसपी की विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। जांच में सामने आया कि जीआरपी के जवानों ने ट्रेन में सफर के दौरान पीड़ित से मारपीट कर करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये कीमत का 1 किलो सोना लूट लिया। गया जंक्शन पहुंचने से पहले ही वारदात को अंजाम दिया गया और पीड़ित को टिकट देकर रवाना कर दिया गया। आरोप है कि पीड़ित को घटना की जानकारी किसी को न देने की धमकी भी दी गई थी। हालांकि, थानाध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में शामिल चार जवान(करन कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रणंजय कुमार और आनंद मोहन) के साथ परवेज आलम और रेल थाना के पूर्व चालक सीताराम फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।