दिल्ली ब्लास्ट में संदिग्ध महिला की गिरफ्तारी, पाकिस्तानी सेना और अफगान कनेक्शन का खुलासा

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए धमाके के मामले में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है, जो एक नकली आईएएस अधिकारी के रूप में रह रही थी। महिला के पाकिस्तानी सेना और अफगानिस्तान से भी कनेक्शन पाए गए हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि महिला के पास करोड़ों रुपये के चेक, अंतरराष्ट्रीय फोन नंबर और संदिग्ध कनेक्शन मिले हैं।

दिल्ली पुलिस ने 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके में संभावित संलिप्तता के चलते महाराष्ट्र के संभाजीनगर की रहने वाली महिला कल्पना भागवत को गिरफ्तार किया। महिला के खिलाफ जांच में यह पता चला कि वह खुद को एक आईएएस अधिकारी बताकर कई महीनों से एक लग्जरी होटल में रह रही थी। पुलिस के मुताबिक, महिला ने अपने आप को 2017 के एक नकली आईएएस अपॉइंटमेंट लेटर के आधार पर स्थापित किया था। उसके आधार कार्ड में भी गड़बड़ियां पाई गईं हैं।

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महिला का पाकिस्तान सेना और अफगानिस्तान के व्यक्तियों से कनेक्शन सामने आया है। जांच में यह भी पता चला कि महिला के बैंक अकाउंट से बड़ी रकम, उसके पाकिस्तानी प्रेमी और अफगानिस्तान में रहने वाले उसके भाई के अकाउंट में ट्रांसफर की गई थी। पुलिस ने महिला के होटल कमरे से 19 करोड़ रुपये का चेक और 6 लाख रुपये का एक और चेक बरामद किया है। इसके अलावा, महिला के पास 10 अंतरराष्ट्रीय फोन नंबर पाए गए, जिनमें अफगानिस्तान और पेशावर के नंबर भी शामिल थे। इनमें से कुछ नंबर पाकिस्तान आर्मी के अधिकारियों के थे, जो पेशावर आर्मी कैंटोनमेंट बोर्ड और अफगानिस्तान दूतावास से जुडे़ थे।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से महिला की रिमांड की मांग की है ताकि उसकी जांच को आगे बढ़ाया जा सके और यह पता चल सके कि क्या वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है। महिला के खिलाफ और भी कई खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

इस ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत हो गई थी और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मामले में मुख्य आरोपी कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल शकील गनई, अदील अहमद राथर और उसके भाई मुजफ्फर अहमद राथर हैं, जो अल-फलाह यूनिवर्सिटी में काम करते थे।

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