सरकारी खाद्यान्न चोरी का बड़ा खुलासा, ट्रांसपोर्टरों और मजदूरों की मिलीभगत से हो रही गड़बड़ी

एसएफसी के एजीएम ने दिये जांच के आदेश

Rahul
By Rahul

सिटी पोस्ट लाइव

सिमरी। सरकारी पीडीएस खाद्यान्न की सुनियोजित चोरी का मामला सामने आया है, जिसमें ट्रांसपोर्टर और मजदूरों की संलिप्तता उजागर हुई है। यह खुलासा उस समय हुआ जब एक पिकअप वैन से खाद्यान्न की चोरी करते कुछ मजदूर पकड़े गए। मंगलवार को एसएफसी गोदाम से चक्की के एक डीलर के लिए खाद्यान्न ले जा रहे वाहन के मजदूरों ने सिमरी काली मंदिर के पास जानबूझकर दो बोरी राशन नीचे गिरा दिए।

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पहले से तैयार एक साहूकार तुरंत खाद्यान्न उठाकर अपने वाहन में रखने लगा, लेकिन स्थानीय युवाओं ने इसे देख लिया और हंगामा कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही एसएफसी के एजीएम चंदन कुमार मौके पर पहुंचे और जब्त खाद्यान्न को दोबारा संबंधित डीलर को सौंपने की व्यवस्था की। साथ ही उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

डीलरों ने पहले भी लगाए थे चोरी के आरोप

सिमरी और चक्की प्रखंड के डीलरों ने लंबे समय से खाद्यान्न की चोरी की शिकायतें की थीं, लेकिन प्रबंधन यह कहकर बचता रहा कि गोदाम से खाद्यान्न गिनकर भेजा जाता है, तो चोरी संभव नहीं। अब इस घटना के बाद डीलरों के आरोप सही साबित हो गए हैं और ट्रांसपोर्टर-मजदूर गठजोड़ का पर्दाफाश हुआ है।

डीलरों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग

घटना के बाद फेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन के प्रखंड अध्यक्ष धीरेन्द्र तिवारी ने ट्रांसपोर्टरों और मजदूरों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि गोदाम से डोरस्टेप डिलीवरी में हर महीने गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने बाहरी ट्रांसपोर्टरों और मजदूरों को काम पर रखने की मांग की ताकि स्थानीय स्तर पर हो रही हेराफेरी को रोका जा सके।

संगठित रूप से चल रही है खाद्यान्न चोरी

जानकारों का कहना है कि यह चोरी कोई नई घटना नहीं है, बल्कि लंबे समय से संगठित नेटवर्क के जरिए खाद्यान्न की हेराफेरी हो रही है। ट्रांसपोर्टर मजदूरों से मिलीभगत कर रास्ते में अनाज गिरवा देते हैं, जिसे मौके पर मौजूद साहूकार और अन्य लोग उठा लेते हैं। बदले में ट्रांसपोर्टरों और मजदूरों को तयशुदा रकम दी जाती है।

कोरोना काल में भी सामने आई थी चोरी की घटना

लॉकडाउन के दौरान भी इसी तरह की घटना सामने आई थी, जब सिमरी बड़का राजपुर रोड पर डोरस्टेप डिलीवरी वाहन से खाद्यान्न गिराने को लेकर बवाल हुआ था। यह दर्शाता है कि चोरी का यह खेल लंबे समय से सुनियोजित तरीके से चल रहा है। एजीएम चंदन कुमार सिंह ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और डीलरों को आश्वासन दिया है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने खाद्यान्न वितरण प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

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