NEET छात्रा केस: कपड़ों पर मिले ‘स्पर्म’ ने खोला राज, अब DNA टेस्ट से बेनकाब होगा असली गुनहगार!..

Ritu Raj

पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत और दुष्कर्म के मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई तेज कर दी है।

जांच में आए महत्वपूर्ण मोड़;
DNA टेस्ट की तैयारी: एसआईटी (SIT) की टीम रविवार देर रात पीड़िता के जहानाबाद स्थित पैतृक गांव पहुंची। सचिवालय एसडीपीओ डॉ. अनु कुमारी के नेतृत्व में टीम ने पांच परिजनों (माता, पिता, भाई और दो मामा) के ब्लड सैंपल लिए हैं।
FSL रिपोर्ट ने बदली दिशा: शुरुआत में पुलिस जिस मामले में दुष्कर्म से इनकार कर रही थी, फोरेंसिक जांच (FSL) ने उसकी पुष्टि कर दी है। छात्रा के कपड़ों से ‘मेल स्पर्म’ बरामद हुआ है, जिसके बाद अब संदिग्धों के डीएनए से मिलान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
लापरवाही पर एक्शन: मामले की शुरुआती जांच में ढिलाई बरतने के आरोप में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कदमकुआं के अपर थानाध्यक्ष हेमंत झा और चित्रगुप्त नगर की थानाध्यक्ष रोशनी कुमारी को निलंबित कर दिया गया है।

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मामले का घटनाक्रम;
निवास: छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट (NEET) की तैयारी कर रही थी।
तबीयत और इलाज: तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले एक नर्सिंग होम, फिर प्रभात मेमोरियल और अंततः मेदांता अस्पताल ले जाया गया।
दुखद अंत: 11 जनवरी को इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई।
साक्ष्य: परिजनों ने 10 जनवरी को पुलिस को कुछ कपड़े सौंपे थे, जो अब इस केस में सबसे बड़े सबूत साबित हुए हैं।

परिजनों की उम्मीदें;
पीड़ित परिवार ने बिहार के डीजीपी से न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस की शुरुआती थ्योरी फेल होने और एफएसएल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद, अब एसआईटी की सक्रियता से परिवार को दोषियों के पकड़े जाने की उम्मीद जगी है। वैज्ञानिक जांच और डीएनए मिलान के बाद यह साफ हो पाएगा कि इस जघन्य अपराध के पीछे असली चेहरे कौन हैं।

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