सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से पुलिस महकमे को झकझोर देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात ने भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत और पद के दुरुपयोग के आरोप में शिकारगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। खाकी की साख पर लगे इस गहरे दाग और एसपी की कड़क कार्रवाई के बाद जिले के सभी थानों में हड़कंप का माहौल व्याप्त है।
जांच रिपोर्ट में खुली मिलीभगत की पोल
यह पूरी कार्रवाई एक विस्तृत और गोपनीय जांच के बाद अमल में लाई गई है। दरअसल, प्रशिक्षषु IPS हेमंत कुमार और साइबर डीएसपी को इस मामले की जांच सौंपी गई थी। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि थानाध्यक्ष संतोष कुमार और स्थानीय भू-माफियाओं के बीच गहरा संबंध था। रिपोर्ट के अनुसार, एक विवादित जमीन के मामले में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के स्पष्ट आदेश के बावजूद थानाध्यक्ष ने अवैध निर्माण और कब्जे को नहीं रोका। पुलिस की इस रहस्यमयी खामोशी के कारण इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी और कानून-व्यवस्था पर गंभीर खतरा मंडराने लगा था।
पैसे के खेल में बिक गई वर्दी?
ग्रामीणों और सूत्रों के हवाले से जो खबरें आ रही हैं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं। बताया जा रहा है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी थानाध्यक्ष पर दो भाइयों के बीच जमीन विवाद में एक पक्ष से मोटी रकम लेकर दूसरे की जमीन पर बाउंड्री वॉल बनवाने का आरोप लगा था। तब यह मामला किसी तरह दबा दिया गया था, लेकिन इस बार आईपीएस अधिकारियों की जांच ने थानाध्यक्ष के बचने के सभी रास्ते बंद कर दिए।
भ्रष्ट अधिकारियों पर एक्शन
एसपी स्वर्ण प्रभात जिले में पुलिस की छवि सुधारने के लिए लगातार एक्शन मोड में हैं। इस कार्रवाई से एक दिन पहले ही रिश्वत का ऑडियो वायरल होने पर पताही के अपर थानाध्यक्ष को भी निलंबित किया गया था। लगातार हो रही इन निलंबन की कार्रवाइयों ने उन पुलिसकर्मियों के बीच खलबली मचा दी है जो भ्रष्टाचार या भू-माफियाओं के सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं।
जिले के वरिष्ठ अधिकारियों का संदेश साफ है, अगर वर्दी की आड़ में दलाली या अपराध को संरक्षण दिया गया, तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। फिलहाल शिकारगंज थाने की कमान नए अधिकारी को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।