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भागलपुर: जाली नोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भागलपुर में बड़ी छापेमारी की है। यह कार्रवाई मोतिहारी में गिरफ्तार एक आरोपी की निशान देही पर की जा रही है, जो पहले ही जाली नोटों के साथ पकड़ा जा चुका है और फिलहाल जेल में बंद है। जानकारी के अनुसार, इस छापेमारी में लाखों रुपये बरामद किए गए हैं, लेकिन यह जांच का विषय है कि ये नोट असली हैं या नकली।
NIA की टीम पटना से भागलपुर पहुंचकर मामले की बारीकी से जांच कर रही है। जबकि, कार्रवाई के दौरान कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है, और अब तक आधा दर्जन से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि जाली नोटों के इस रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
वहीं बुधवार सुबह भोजपुर जिले में केंद्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की गई। यह कार्रवाई डीएसपी और इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों के नेतृत्व में की जा रही है। टीम ने चौरी थाना क्षेत्र के छतरपुरा गांव और सहार थाना क्षेत्र के कोरनडिहरी गांव में स्थित दो घरों में सुबह 6 बजे से तलाशी अभियान शुरू किया। छापेमारी के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस की भी सहायता ली जा रही है।
NIA की टीम दोनों युवकों को लेकर गहन जांच कर रही है। इनमें से एक संदिग्ध, मोहम्मद नेहाल, दिल्ली में रहता है, जबकि दूसरा संदिग्ध, मोहम्मद वारिस, पहले से ही जाली नोटों के मामले में जेल में बंद है। इस छापेमारी को जाली नोटों के रैकेट और संभावित आतंकी कनेक्शन से जोड़कर देखा जा रहा है।