सीबीआई के रडार पर ‘शम्भू हॉस्टल’ का राज: छात्रा के मामा से पूछा- क्यों दिया गया था पैसों का ऑफर?

Ritu Raj

नीट छात्रा की संदेहास्पद मौत के मामले में CBI अब एक्शन मोड में है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए टीम ने बिहार के विभिन्न जिलों में छापेमारी और पूछताछ शुरू कर दी है। सीबीआई की टीम ने छात्रा के परिजनों से कड़ियां जोड़ना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में टीम ने छात्रा के मामा से विस्तार से पूछताछ की। वहीं, छात्रा की मामी से भी मामले के संदर्भ में जानकारी जुटाई गई।

निलंबित पुलिस अधिकारियों से पूछताछ;
सबूतों के साथ छेड़छाड़ और लापरवाही के आरोपों को लेकर सीबीआई ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को कदमकुआं थाने के निलंबित एसआई हेमंत झा से करीब चार घंटे तक कड़ी पूछताछ की गई। जांच मुख्य रूप से तीन गंभीर सवालों पर टिकी है कि छात्रा के अस्पताल पहुंचने के बाद उसके कपड़े बरामद क्यों नहीं किए गए? परिजनों को वे कपड़े कैसे मिले और पुलिस को वे किस आधार पर सौंपे गए? पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट में दुष्कर्म (Rape) की पुष्टि होने के बावजूद भी पुलिस ने शुरुआत में इसे आत्महत्या (Suicide) का मामला बताकर क्यों दबाने की कोशिश की?

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पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने फेसबुक लाइव के जरिए पटना पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने पटना SSP से सीधे दो सवाल पूछे हैं कि मनीष की गिरफ्तारी किस आधार पर और किस केस में हुई है? और हॉस्टल मालिक को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? वहीं, छात्रा के चाचा ने एक बार फिर शम्भू गर्ल्स हॉस्टल को पूरी साजिश का केंद्र बताया है। परिजनों का आरोप है कि घटना के सारे राज हॉस्टल के भीतर ही छिपे हैं। हॉस्टल संचालिका, उसका बेटा और वार्डन मुख्य संदिग्ध हैं। परिजनों की मांग है कि इन तीनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जाए, तभी सच्चाई सामने आएगी। सीबीआई की जांच अब पुलिस के उन अधिकारियों की ओर मुड़ गई है जिन्होंने शुरुआत में मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की थी। एफएसएल (FSL) रिपोर्ट इस केस में सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई है।

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