IIT वाले बाबा ने महाकुंभ का आश्रम छोड़ा, माता-पिता ने प्रयागराज में तलाश शुरू की

Manisha Kumari

सिटी पोस्ट लाइव

प्रयागराज: IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की डिग्री लेने वाले अभय सिंह, जो महाकुंभ में अपनी उपस्थिति को लेकर चर्चित हुए थे, ने अचानक जूना अखाड़े के आश्रम को छोड़ दिया है। गुरुवार रात उनके माता-पिता जब उन्हें ढूंढते हुए आश्रम पहुंचे, तो तब तक अभय गायब हो चुके थे। आश्रम के साधुओं ने बताया कि अभय मीडिया के साथ लगातार इंटरव्यू दे रहे थे, जिससे उनका मानसिक तनाव बढ़ने लगा था। इसके अलावा, उन्होंने मीडिया में कुछ ऐसे बयान दिए थे, जो विवाद का कारण बने थे। ऐसे में अभय ने आश्रम छोड़ने का फैसला लिया।

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अभय सिंह हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले हैं और उनके पिता कर्ण सिंह एक प्रतिष्ठित वकील हैं। अभय ने IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक किया था, और फिर कनाडा में एरोप्लेन बनाने वाली कंपनी में काम किया। लेकिन, कुछ समय बाद वह अचानक देश लौट आए और घर से गायब हो गए। महाकुंभ में उनकी वीडियो वायरल होने के बाद परिवार को उनकी लोकेशन का पता चला।

अभय सिंह ने कहा था कि वह हमेशा से अपनी पारंपरिक सामाजिक ज़िम्मेदारियों से बाहर निकलकर कुछ अलग करना चाहते थे। उन्होंने IIT बॉम्बे से अपनी पढ़ाई की और फिर कनाडा में काम करने के बाद भारत लौटने का फैसला किया। हालांकि, उनके परिवार को अचानक उनकी आध्यात्मिक यात्रा का कोई संकेत नहीं था। कनाडा में लॉकडाउन के दौरान अभय को अपने जीवन के बारे में गहरे विचार करने का समय मिला। इसके बाद उन्होंने ध्यान लगाना शुरू किया और कई धार्मिक स्थानों का दौरा किया। परिवार ने जब उनकी शादी की बात की, तो उन्हें यह ठीक नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने अपने जीवन में किसी भी पारंपरिक बंधन से बाहर जाने का निर्णय लिया और एक नए मार्ग पर चलने का सोचा।

अभय के पिता कर्ण सिंह ने कहा, “वह बचपन से ही बहुत कम बोलते थे, लेकिन हमें कभी इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह इस रास्ते पर जाएंगे। यह हमारे लिए एक बड़ा सदमा है, लेकिन यदि वह खुश हैं तो हमें उनका समर्थन करना चाहिए।” अभय की मां इस फैसले से खुश नहीं हैं, क्योंकि वह अपने बेटे को घर वापस देखना चाहती थीं, लेकिन अब वह जानती हैं कि अभय ने अपनी इच्छा से यह कदम उठाया है। अभय ने मीडिया से बातचीत में कहा था, “मैंने जो किया वह मेरे परिवार को पसंद नहीं था। मेरे लिए यह सामाजिक बंधन तोड़ना बहुत कठिन था।

शादी की बात में मेरी कोई रुचि नहीं थी। इसलिए मैंने यह फैसला लिया और समाज की तमाम उम्मीदों से बाहर जाकर एक अलग रास्ता चुना।”  अभय सिंह ने यह भी कहा कि अब वह आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलने का आनंद ले रहे हैं और वह इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं सोचता हूं कि सब कुछ शिव है, शिव ही सत्य है और शिव ही सुंदर है।”

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