नीतीश सरकार महिलाओं पर क्यों मेहरबान, चुनाव के वोटिंग पैटर्न में छुपा है राज.

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महिलाओं के लिए लिए गए फैसले चर्चा में हैं.दरअसल, 2020 में महिलाओं ने वोटिंग में पुरुषों से ज्यादा आगे रहीं.167 विधानसभा क्षेत्रों में महिलाओं ने अधिक मतदान किया.महिलाओं की चुनाव में बढती भागेदारी को देखते हुए सरकार ने महिला रोजगार योजना शुरू की है जिसमें महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी. जीविका समूह और अन्य योजनाओं से भी महिलाओं को लाभ मिल रहा है.

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव 2025 के ठीक पहले महिलाओं में उद्यमिता विकास को लेकर जो निर्णय लिए हैं, उसकी चर्चा राजनीतिक गलियारे में शुरू हो गई है.सबसे पहले 2020 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं के वोटिंग प्रतिशत पर चर्चा हो रही है.वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत 59.7 प्रतिशत था, जबकि पुरुषों का वोटिंग प्रतिशत 54.6 प्रतिशत था. बूथों पर पुरुषों की तुलना में महिलाओं की कतार बड़ी थी.

सवाल- 243 विधानसभा क्षेत्रों में 167 पर पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने अधिक वोट किया.

महिलाओं के बीच विधानसभा चुनाव को ले सक्रियता का आकलन इस आंकड़े से किया जा सकता है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में 243 विधानसभा क्षेत्रों में 167 विधानसभा क्षेत्र ऐसे थे जहां महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत अधिक था. इनमें अधिकतर उत्तर बिहार के विधानसभा क्षेत्र थे.नीतीश कुमार को सत्ता में बनाए रखने में महिलाओं ने अहम् भूमिका निभाई है.पहले महिलाओं ने बढ़ते अपराध से परेशान होकर उनका साथ दिया फिर अपने लिए किये कार्यों को लेकर समर्थन दिया और शराबंदी से खुश होकर उन्हें वोट दिया.इसबार दलों की नजर महिला वोटर्स पर है.तेजस्वी यादव “माई-बहिन योजना” के जरिये महिलाओं को लुभाने की कोशिश में जुटे हैं.ऐसे में नीतीश कुमार महिला वोटर्स को अपने साथ बनाए रखने के लिए कोई कोर कसार नहीं छोड़ रहे हैं.

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