City Post Live
NEWS 24x7

पेपर लीक का आरोपी संजीव सियासत में आजमा रहा था हाथ.

LJP के टिकट पर पत्नी को लडवा चूका चुका है चुनाव, कैसे फिर गया मनसूबे पर पानी?

- Sponsored -

- Sponsored -

-sponsored-

सिटी पोस्ट लाइव : मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी के प्रश्नपत्र लीक मामले के मुख्य आरोपी  संजीव कुमार उर्फ लूटन  अबतक हजारों छात्रों का  तकनीकी कॉलेजों में नामांकन करवा चूका है.लूटन का राजनीति से भी सरोकार रहा है. वर्ष 2016 में संजीव ने अपनी गृह पंचायत नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड के भूतहाखार से पत्नी ममता देवी को मुखिया का चुनाव लड़वाया और वह जीत भी गई. फिर क्या था लूटन खुद राजनीति में आने के लिए जी-जान से जुट गया.

संजीव ने सबसे  पहले अपनी  पत्नी को जेडीयू  से जोड़ा और हरनौत विधायक हरिनारायण सिंह के विकल्प के तौर पर दल में उभारने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली.2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू से टिकट नहीं मिलने पर संजीव ने मुखिया पत्नी ममता देवी को लोजपा के टिकट पर हरनौत से विधानसभा का चुनाव लड़वाया. पत्नी सीधे मुकाबले में आ गई, लेकिन विधायक हरिनारायण सिंह से लगभग 29 हजार मतों के बड़े अंतर से पराजित हो गई.विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद संजीव उर्फ लूटन ने पत्नी को दूसरी बार वर्ष 2021 मुखिया का चुनाव लड़ाना प्रतिष्ठा के विरुद्ध माना. चूंकि, संजीव का अपना प्रभाव कायम था, इसलिए अपने एक निकट सहयोगी की पत्नी को मुखिया का चुनाव जितवा दिया.

2016 का पंचायत चुनाव सीटों के आरक्षण के आधार पर हुआ था. भूतहाखार पंचायत महिला आरक्षित हो गया था. इस चुनाव में मुखिया रघुवंश मणि ने अपनी पुत्रवधु को उम्मीदवार बनाया था. राजद नेता सुरेंद्र यादव ने भतीजे की पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा था.इस बीच चुनाव में संजीव कुमार ने पत्नी ममता देवी का नामांकन करा दिया जिससे मुखिया का चुनाव क्षेत्र में चर्चित हो गया. ममता देवी लगभग तीन सौ मतों से चुनाव जीत गईं.

सुरेंद्र यादव के अनुसार  गलत तरीके से रुपये के बल पर नौकरी या नामांकन पाने के लालची लोगों का भरोसा बने रहने के कारण ही लूटन सिपाही भर्ती, शिक्षक भर्ती और मेडिकल प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने का मुख्य आरोपी बन बैठा. इससे क्षेत्र की बदनामी हो रही है.कभी आर्थिक अपराध इकाई तो कभी सीबीआइ की टीम संजीव उर्फ लूटन के गांव भूतहाखार पंचायत के यारपुर बलवा में छापेमारी करने पहुंच रही है. नीट-यूजी पेपर लीक की जांच सीबीआइ को सौंपे जाने से संजीव से लाभान्वित हुए युवक और उसके स्वजन भी सशंकित हैं.

-sponsored-

- Sponsored -

Subscribe to our newsletter
Sign up here to get the latest news, updates and special offers delivered directly to your inbox.
You can unsubscribe at any time

- Sponsored -

Comments are closed.