गुरुवार सुबह बिहार के कई जिलों में घना कोहरा छा जाने से जनजीवन प्रभावित रहा। पटना, भागलपुर, बांका, लखीसराय, बेगूसराय, समस्तीपुर, बेतिया, गोपालगंज, सीतामढ़ी समेत कुल 12 जिलों में दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई। राजधानी पटना के कई इलाकों में विजिबिलिटी घटकर मात्र 20 मीटर रह गई, जबकि दरभंगा में भी कोहरे के कारण हालात समान बने रहे। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए गुरुवार को राज्य के 5 जिलों के लिए कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश में ठंड और तेज होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, अगले 48 घंटे के भीतर बिहार में कोल्ड वेव का असर साफ तौर पर दिखने लगेगा। वहीं दिसंबर के अंत तक राज्य के कई हिस्सों में शीतलहर चलने की संभावना जताई गई है। बीते 24 घंटों के दौरान समस्तीपुर 8.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला दर्ज किया गया। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका प्रभाव अब उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक पहुंच चुका है। इस सिस्टम के चलते ठंडी और शुष्क पछुआ हवाएं तेज हो गई हैं, जो बिहार में रात के तापमान को तेजी से गिरा रही हैं। दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंड का अहसास बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नमी और ठंडी हवाओं के आपसी मेल से सुबह के समय घना कोहरा और स्मॉग जैसी स्थिति बन रही है। इसी वजह से सूरज निकलने के बाद भी लोगों को कंपकंपी महसूस हो रही है।
राजधानी पटना में भी अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे का असर बना रह सकता है, जिससे विजिबिलिटी कम रहने की आशंका है। दिन में आंशिक धूप निकलने की संभावना जरूर है, लेकिन ठंडी पछुआ हवाओं के चलते ठंड से पूरी तरह राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पटना में न्यूनतम तापमान में आने वाले दिनों में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह और रात के वक्त ठिठुरन बढ़ेगी।