सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजधानी पटना के निजी हॉस्टल्स में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा एक बार फिर दांव पर है। एक्जीबिशन रोड स्थित ‘परफेक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल’ में औरंगाबाद की एक 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। 6 जनवरी को हुई इस घटना ने अब एक नया मोड़ ले लिया है, जहाँ परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार करते हुए सुनियोजित हत्या करार दिया है।
क्या है पूरा मामला?
औरंगाबाद के गोह थाना क्षेत्र की रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा पटना में रहकर पढ़ाई कर रही थी। परिजनों के अनुसार, वे 4 जनवरी को ही उसे हॉस्टल छोड़कर गए थे। 6 जनवरी की रात करीब 1 बजे अचानक परिजनों को फोन आया कि उनकी बेटी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। हालांकि, परिजनों का दावा है कि घटना के पीछे गहरी साजिश है और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है।
परिजनों के गंभीर आरोप: साजिश या लापरवाही?
मृतका के पिता और मां ने पुलिस कार्रवाई और हॉस्टल प्रबंधन पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
बेड पर मिली डेड बॉडी: परिजनों का आरोप है कि उनके पहुंचने से पहले ही शव को फंदे से उतारकर बेड पर रख दिया गया। पुलिस की गैरमौजूदगी में साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई जा रही है।
बाहरी लड़कों का प्रवेश: पिता का आरोप है कि हॉस्टल प्रबंधन की मिलीभगत से दो बाहरी लड़के बिना किसी रोक-टोक के गर्ल्स पीजी के अंदर दाखिल हुए। पुलिस ने शुरुआत में दो लड़कों को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में एक को छोड़ दिया गया, जिससे जांच पर सवाल उठ रहे हैं।
एफआईआर में नामजद: परिजनों ने हॉस्टल संचालक, वार्डन, हॉस्टल इंचार्ज और मृतका की एक सहेली के खिलाफ साजिश के तहत हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है।
मेरी बेटी को मार डाला गया
मृतका की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी से 5 और 6 जनवरी को सामान्य बात हुई थी, वह किसी तनाव में नहीं थी। मां ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि दो लड़कों ने हॉस्टल स्टाफ की मदद से उनकी बेटी की जान ली है। घटना के 13 दिन बीत जाने के बाद भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का सामने न आना और सुसाइड नोट का न मिलना मामले को और अधिक संदिग्ध बना रहा है।
प्रशासनिक विफलता और हॉस्टल्स की सुरक्षा
यह घटना “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के नारों के बीच पटना के हॉस्टल सिस्टम की पोल खोलती है। क्या निजी हॉस्टल्स में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड केवल दिखावे के लिए हैं? बिना अनुमति के पुरुष हॉस्टल के अंदर कैसे पहुंचे? इन सवालों ने पटना में पढ़ रही हजारों बेटियों के अभिभावकों के मन में डर पैदा कर दिया है।
परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। फिलहाल, पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच को आगे बढ़ाने का दावा कर रही है।