चुनाव से पहले बिहार में बड़ा खेला, एक दर्जन नेता-ठेकेदार को जेल भेंजने की तैयारी.

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार के एक दर्जन से ज्यादा नेता-ठेकेदार आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के निशाने पर हैं. नीतीश सरकार के विश्वासमत के दौरान विधायकों को प्रलोभन देने के मामले की जांच तेज रफ़्तार से जारी है. जांच में नेता ठेकेदार और बालू माफिया समेत एक दर्जन संदिग्धों के नाम सामने आए हैं. ईओयू सबूत जुटा रही है और विधायकों के करीबियों से भी पूछताछ की तैयारी में है. आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों के अनुसार जो लोग पूछताछ के लिए नहीं आ रहे हैं उनके खिलाफ वारंट जारी किया जाएगा.

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विश्वास मत के दौरान तेजस्वी यादव के खेला में नेता, ठेकेदार, बालू माफिया शामिल हैं, जिनके पैसे का इस्तेमाल इस मामले में होने का संदेह है. ईओयू इनके विरुद्ध बयान और साक्ष्य जुटा रही है, जिसके बाद इन्हें नोटिस देने की कार्रवाई शुरू होगी.इसके अलावा, मामले में अब तक पूछताछ के लिए बुलाए गए विधायकों के करीबी जैसे उनके सहयोगी, ड्राइवर आदि से भी ईओयू पूछताछ करने की तैयारी कर रही है.ईओयू ने अब तक इस मामले में परबत्ता विधायक डॉ. संजीव, पूर्व विधायक बीमा भारती और मुख्य अभियुक्त इंजीनियर सुनील समेत आधा दर्जन लोगों से पूछताछ की है. भाजपा विधायक मिश्रीलाल यादव नोटिस देने के बाद भी सोमवार को ईओयू के सामने हाजिर नहीं हुए हैं.जेडीयू विधायक सुदर्शन भी निशाने पर हैं.सूत्रों के अनुसार उनके पेट्रोल पंप के अकाउंट में लेनदेन का मामला सामने आया है.

ईओयू ने मंगलवार को इंजीनियर सुनील को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया था मगर वह भी नहीं पहुंचे. ईओयू सूत्रों के अनुसार, इंजीनियर सुनील ने व्यस्तता का हवाला देते हुए एक दिन का अतिरिक्त समय मांगा है. वह बुधवार को ईओयू कार्यालय पहुंच सकते हैं. विधायक मिश्रीलाल यादव को नोटिस देकर 22 अगस्त को बुलाया गया है. इसके अलावा विधायकों के तीन-चार सहयोगियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है, मगर वह भी ईओयू कार्यालय आने में आना-कानी कर रहे हैं.ईओयू अधिकारियों के अनुसार, जो लोग पूछताछ के लिए नहीं पहुंच रहे, उनके विरुद्ध कोर्ट से वारंट लिया जाएगा.

मधुबनी के हरलाखी से जदयू विधायक सुधांशु शेखर ने इस मामले में फरवरी 2024 में पटना के कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी.इसमें जदयू विधायक ने आरोप लगाया था कि हाजीपुर में रहने वाले उनके रिश्तेदार रंजीत कुमार ने वॉट्सऐप कॉल कर उन्हें बताया कि इंजीनियर सुनील कुमार आए हैं और बात करना चाहते हैं. बात करने पर ई. सुनील कुमार ने उन्हें प्रलोभन दिया और कहा कि आप महागठबंधन के साथ आ जाइए.सूत्रों के अनुसार तेजस्वी यादव से जुड़े कई ठेकेदारों की भूमिका भी सामने आई है.कई से पूछताछ भी हो चुकी है अगर ठोस सबूत मिले तो तेजस्वी यादव को भी नोटिस जारी हो सकता है.


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