टिकट बंटवारे में दिखेगा राहुल का सोशल फॉर्मूला,बिहार में कितने सिटिंग विधायकों का कटेगा टिकट?

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी एक्शन में है.महागठबंधन में अभीतक सीट का बंटवारा नहीं हुआ है, लेकिन कांग्रेस अंदरखाने चुनाव में खड़े होने वाले उम्मीदवारों की सूचि बनाने का काम शुरू कर दिया है. पार्टी दो से ज्यादा अपने वर्तमान विधायकों का टिकट नहीं काटेगी. पार्टी ने ऐसा निर्णय अंदरूनी सर्वे के आधार पर लिया है.फिलहाल बिहार में कांग्रेस के 19 विधायक हैं, लेकिन इसमें से दो विधायक सिद्धार्थ सौरभ और मुरारी गौतम पाला बदल चुके हैं. इस तरह देखा जाए तो 17 विधायक बचे. इन सभी 17 विधायकों को पार्टी रिपीट कर सकती है. हालांकि एक दो विधायक सीट की अदला बदली के कारण टिकेट से वंचित हो सकते हैं.

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

इसी महीने 17 अगस्चुत से कार्यकर्ताओं‎ में जोश भरने के लिए कांग्रेस नेता राहुल‎‎ गांधी बिहार में यात्रा करेंगे. यात्रा का‎ प्लान लगभग‎‎ तैयार हो चुका है.बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के अनुसार ‘वोट अधिकार यात्रा राहुल गांधी के नेतृत्व में 17 अगस्त से रोहतास से शुरू होगी. यात्रा 15 दिनों की होगी. समापन पटना में एक विशाल रैली के साथ होगा.यात्रा में INDIA गठबंधन के नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा. यात्रा में राहुल का कारवां राज्य के 18 जिलों से गुजरेगा. इनमें अधिकतर ‎मगध, पटना, कोसी प्रमंडल के जिले हैं.‎

महागठबंधन में इस बार कांग्रेस को 55 से 60 सीट मिलने का अनुमान है. पिछली बार यानी 2020 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 70 सीटों पर लड़ी थी, जिसमें से 19 सीटों पर जीत मिली थी.सूत्रों के मुताबिक, इस बार पार्टी सीटों को अलग-अलग हिस्से में बांटकर काम कर रही है. ताकि स्ट्राइक रेट को ठीक किया जा सके.कांग्रेस पार्टी ने अब तक 45 से अधिक सीटों की एक लिस्ट तैयार की है, जहां वह मजबूती से चुनाव लड़ना चाहती है. इसमें पिछली बार जीती गई सभी 19 सीटें भी शामिल हैं.बाकी की 26 सीटों में कुछ सीटें ऐसी भी हैं, जिस पर पिछली बार RJD और लेफ्ट पार्टियां चुनाव लड़ी थी. हालांकि, इसमें से कुछ सीटें घट-बढ़ सकती हैं.कांग्रेस पार्टी बिहार में सीटों की संख्या से ज्यादा जीत को तरजीह देगी. वह उन सीटों पर लड़ने का प्रयास करेगी, जहां जीत की संभावना ज्यादा है. इसके लिए सीटों की अदला-बदली भी हो सकती है.

राहुल गांधी लगातार OBC और दलितों को हिस्सेदारी देने की बातें कह रहे हैं. बिहार चुनाव में टिकट बांटने के दौरान राहुल गांधी के सोशल इंजीनियरिंग का खास ख्याल रखा जाएगा. यानी पार्टी EBC (अति पिछड़ा वर्ग) और दलितों को अधिक टिकट दे सकती है.कांग्रेस ने इस साल टिकट बंटवारे के लिए नई व्यवस्था बनाई है. पहले के आरोपों को ध्यान में रखते हुए टिकटार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं. आवेदन में उम्मीदवारों से व्यक्तिगत ब्योरा मांगा गया था. उसके साथ कई शर्तें भी रखी गई थी. जिन्हें पूरा किए बगैर टिकट नहीं देने का बातें कही गई थी.

Share This Article