प्रशांत किशोर को अब उन्हीं की भाषा में मिलेगा जवाब.

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सिटी पोस्ट लाइव :पहले  महागठबंधन और नीतीश कुमार  के विरुद्ध जन सुराज पार्टी (जसुपा) के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) का रुख हमेशा आक्रामक था.लेकिन अब उनके निशाने पर बीजेपी और प्रधानमंत्री  ज्यादा हैं.पिछले कुछ दिनों बीजेपी  के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल भी प्रशांत किशोर के निशाने पर हैं.अब बीजेपी  ने पीके को अब उन्हीं की बोली-भाषा में उत्तर देने का फैसला लिया है.

पीके अभी ‘बिहार बदलाव यात्रा’ पर हैं. इस यात्रा के दौरान ही उन्होंने कहा था कि दिलीप को इंटरनेट मीडिया की जानकारी नहीं. उनके आकाओं को तो स्वयं वे प्रशिक्षित किए हैं. इस बयान पर दिलीप ने साइबर थाने में पीके के विरुद्ध शिकायत दर्ज करा दी. उसके बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर पीके को लेकर विचार-विमर्श हुआ.तय हुआ कि अब आगे से पीके को उन्हीं की शैली में उत्तर दिया जाएगा.दिलीप के बयान से इसकी शुरुआत भी हो गई.पिछले सप्ताह दिलीप ने कहा कि पीके के साथ घूमने वाले अधिसंख्य लोग या तो अपराधी हैं या आपराधिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आते हैं. उनकी प्रचार सामग्री और तस्वीरें देखकर इसे सहजता से समझा जा सकता है. ऐसे लोगों से राज्य और समाज में अच्छे बदलाव की आशा व्यर्थ है.

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बहरहाल भाजपा और जदयू की ओर से पीके के विरुद्ध आक्रामक बयानबाजी सुनने में तो आ रही, लेकिन दूसरे घटक दल चुपी लगाए हुए हैं. पीके के प्रहार के दायरे में राजद और कांग्रेस के बाद भाजपा और जदयू रहते हैं. महागठबंधन और राजग के दूसरे घटक दलों की वे प्राय: चर्चा नहीं करते. लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान के प्रति तो उनका रुख अभी तक अपनत्व वाला ही रहा है.

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