सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में चल रही कांग्रेस की ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो में, कुछ कार्यकर्ता मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए सुने जा रहे हैं। यह घटना दरभंगा से मुजफ्फरपुर जा रहे काफिले के दौरान बिठौली में हुई, जहां जाले विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे मो. नौशाद के कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
एनएच-27 के किनारे बिठौली में सजाए गए मंच पर सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। इस दौरान, कार्यकर्ता “राहुल-प्रियंका जिंदाबाद” और “तेजस्वी जिंदाबाद” के नारे लगा रहे थे। वायरल वीडियो के अनुसार, उत्साहित कार्यकर्ता माइक छीनकर नारेबाजी करने लगे और इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करने लगे। वीडियो में कुछ लोग उन्हें रोकने की कोशिश करते हुए भी दिख रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद अभद्र भाषा का सिलसिला जारी रहा। इस वीडियो की प्रामाणिकता की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन यह सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।

बीजेपी ने साधा निशाना, ‘राजनीति का निम्नतम स्तर’ बताया
इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस और महागठबंधन पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर आरोप लगाया कि “राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यात्रा के मंच से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दिवंगत माताजी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।” पार्टी ने इसे “राजनीति का निम्नतम स्तर” बताते हुए कहा कि इस घटना ने “अपमान, घृणा और अश्लीलता की सभी हदें पार कर दी हैं।”
बीजेपी ने राहुल और तेजस्वी पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को यात्रा में शामिल करने को लेकर भी निशाना साधा। बीजेपी ने आरोप लगाया कि इन दोनों नेताओं ने पहले बिहारियों का अपमान किया था, और उन्हें यात्रा में बुलाकर राहुल और तेजस्वी ने बिहार की जनता का अपमान किया है। इस घटना ने बिहार के चुनावी माहौल को और भी गरमा दिया है, जहां राजनीतिक दल एक-दूसरे पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।