छपरा विधानसभा सीट पर चुनावी माहौल गर्म है। भाजपा से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरीं राखी गुप्ता के समर्थन में मंगलवार को भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री यामिनी सिंह ने जोरदार रोड शो किया। यामिनी के काफिले के शहर में पहुंचते ही सड़कों पर महिला और युवा मतदाताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जगह-जगह लोगों ने भोजपुरी स्टार का गर्मजोशी से स्वागत किया। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।
राखी गुप्ता के निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने से छपरा विधानसभा की लड़ाई अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। बीजेपी उम्मीदवार और महागठबंधन प्रत्याशी के बीच चल रही सीधी टक्कर अब त्रिकोणीय मुकाबले में बदल गई है। पार्टी से टिकट न मिलने के बाद राखी गुप्ता ने खुलकर बागी तेवर दिखाए और जनता के बीच अपनी अलग पहचान बनाने के लिए चुनाव लड़ने का ऐलान किया। राखी गुप्ता का फोकस खासतौर पर महिला वोट बैंक पर है। वे महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को अपने एजेंडे में प्रमुखता से उठा रही हैं। इसी रणनीति के तहत उन्होंने भोजपुरी फिल्म जगत की लोकप्रिय अभिनेत्री को अपने प्रचार अभियान में शामिल किया है, ताकि महिला और युवा मतदाताओं तक प्रभावी पहुंच बनाई जा सके। रोड शो के दौरान उन्होंने कहा कि राखी गुप्ता महिलाओं की आवाज हैं, जो समाज में बदलाव लाने का साहस रखती हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे एक ईमानदार और मजबूत महिला प्रत्याशी को आगे लाने में अपना योगदान दें। वहीं, कई जगहों पर समर्थकों ने फूल-मालाओं से यामिनी सिंह और राखी गुप्ता का स्वागत किया। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा रखा, ताकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
अब छपरा विधानसभा सीट पर मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है। एक ओर आरजेडी के प्रत्याशी भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव अपने स्टारडम और जनसंपर्क से माहौल बना रहे हैं, तो दूसरी ओर निर्दलीय राखी गुप्ता ने भी महिला और युवा वोटरों को साधने के लिए प्रचार अभियान को गति दे दी है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, छपरा की गलियां चुनावी नारों, पोस्टरों और रोड शो की गूंज से भर चुकी हैं। हर उम्मीदवार अपनी रणनीति और स्टार पावर के सहारे मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में जुटा है। अब देखना यह होगा कि इस हाई-प्रोफाइल सीट पर जनता का जनादेश किसके पक्ष में जाता है।