बिहार DGP का ‘ब्रह्मास्त्र’: वर्दी में गुंडागर्दी की तो 15 दिन में छिनेगी नौकरी, सीधे जेल जाएंगे दागी पुलिसकर्मी

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने महकमे के भीतर बैठे ‘काली भेड़ों’ और अपराधी प्रवृत्ति के पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार किया है। शुक्रवार, 9 जनवरी को पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डीजीपी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि वर्दी की आड़ में गुंडागर्दी या आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले पुलिसकर्मियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने एलान किया कि दोष सिद्ध होने पर महज 15 दिनों के भीतर दोषी पुलिसकर्मी को सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा और उसे तत्काल जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

वैशाली से मोतिहारी तक की घटनाओं पर नाराजगी
डीजीपी विनय कुमार ने हाल के दिनों में वैशाली, छपरा, गया और मोतिहारी जैसे जिलों में पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की आपराधिक संलिप्तता सामने आने पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम जनता की रक्षा करना है, न कि अपराध में भागीदार बनना। डीजीपी ने संबंधित जिलों के वरीय पुलिस अधिकारियों (SP/SSP) को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे दागी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही में तेजी लाएं और अनुशासनहीनता के मामलों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाएं।

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भू-माफिया और खाकी के गठजोड़ पर प्रहार
राज्य में बढ़ते जमीन विवादों और इसमें पुलिस की भूमिका पर भी डीजीपी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी जिलों में सक्रिय भू-माफियाओं की सूची तैयार की जाए और उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीजीपी ने कहा कि अगर कोई पुलिसकर्मी भू-माफियाओं को संरक्षण देता पाया गया, तो उसकी बर्खास्तगी तय है।

पुलिसिंग में सुधार: अपराध के आंकड़ों में गिरावट
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीपी ने राहत भरी जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य में बेहतर और सशक्त पुलिसिंग के परिणामस्वरूप वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में संगीन अपराधों (हत्या, डकैती, लूट) के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। उन्होंने इसके लिए फील्ड में तैनात ईमानदार अधिकारियों की सराहना की, लेकिन साथ ही सचेत किया कि अनुशासन में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बिहार डीजीपी की इस घोषणा से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यह संदेश साफ है कि वर्दी अब किसी भी आपराधिक कृत्य के लिए ‘कवच’ नहीं बनेगी, बल्कि कानून तोड़ने वालों के लिए सबसे सख्त सजा का आधार होगी।

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