सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान मंगलवार सुबह 7 बजे शांतिपूर्ण माहौल में शुरू हुआ। राज्य के 20 से अधिक जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर हो रहे इस मतदान में दोपहर 11 बजे तक 31.38% वोटिंग दर्ज की गई है। यह आंकड़ा 6 नवंबर को हुए पहले चरण के मतदान की तुलना में समान समय पर थोड़ा अधिक है, जो मतदाताओं के उत्साह को दर्शाता है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 11 बजे तक के मतदान प्रतिशत में किशनगंज (34.74%) सबसे आगे रहा, जिसके बाद गया (34.07%) और जमुई (33.69%) में अच्छा मतदान हुआ। वहीं, मधुबनी (28.66%) में सबसे कम वोटिंग दर्ज की गई। पहले चरण में राज्य का कुल मतदान लगभग 65.08 प्रतिशत रहा था।
3.7 करोड़ से अधिक मतदाता, 12 मंत्रियों का इम्तिहान
दूसरे चरण के इस मतदान में कुल 3,70,13,556 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इनमें 1,95,44,041 पुरुष मतदाता, 1,74,68,572 महिला मतदाता और 943 अन्य लिंग के मतदाता शामिल हैं। इस चरण में कुल 1302 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में कैद होगा, जिनमें से कई बड़े नाम शामिल हैं।
यह चरण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के 12 मंत्रियों के लिए साख का सवाल है। इनमें जेडीयू के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र यादव (सुपौल), लेसी सिंह (धमदाहा), जयंत कुशवाहा (अमरपुर), सुमित सिंह (चकाई), मोहम्मद जमा खान (चैनपुर), और शीला मंडल (फूलपरास) जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। इसके अलावा, बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार (गया टाउन) और पूर्व उप-मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद (कटिहार) की प्रतिष्ठा भी दांव पर है।
एनडीए और इंडिया ब्लॉक के लिए निर्णायक लड़ाई
सत्ताधारी एनडीए (NDA) और विपक्षी इंडिया ब्लॉक (INDIA Bloc) दोनों के लिए यह चरण उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि पहला चरण था। दोनों प्रमुख गठबंधनों के सामने इन 122 सीटों पर अपने प्रदर्शन में सुधार करने की बड़ी चुनौती है। ये सीटें पश्चिम चंपारण, सीमांचल (किशनगंज, अररिया), दक्षिण और पश्चिम बिहार (गया, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद) जैसे जिलों में फैली हुई हैं।
इन सीटों का क्षेत्रीय विभाजन भी महत्वपूर्ण है: पूर्वी चंपारण में 11, मधुबनी और गया में 10-10, पश्चिमी चंपारण में 9, सीतामढ़ी में 8, और भागलपुर, रोहतास, पूर्णिया तथा कटिहार में 7-7 विधानसभा सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। यह चरण मिथिलांचल, सीमांचल, चंपारण बेल्ट और शाहाबाद-मगध क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों को निर्णायक रूप से प्रभावित करेगा।
प्रमुख सीटें और 2020 का परिणाम
दूसरे चरण की कुछ प्रमुख सीटों में सासाराम, इमामगंज, मोहनिया, बिहपुर, गोपालपुर, पीरपैंती, भागलपुर, सुल्तानगंज, और नाथनगर शामिल हैं, जहां दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। पिछले 2020 के विधानसभा चुनावों के परिणामों पर नजर डालें तो इन 122 सीटों में से भाजपा ने 42, राजद ने 33, जनता दल (यूनाइटेड) ने 20, कांग्रेस ने 11 और वाम दलों ने सामूहिक रूप से 5 सीटों पर जीत हासिल की थी।
सुबह 10:15 बजे तक 20 जिलों में कहीं से भी हिंसा या बड़ी अप्रत्याशित घटनाओं की खबर नहीं मिली है। हालांकि, पश्चिमी चंपारण के डॉन क्षेत्र में खराब सड़क और बुनियादी ढांचे जैसी नागरिक समस्याओं के विरोध में 32 गांवों के मतदाताओं द्वारा चुनाव बहिष्कार की खबरें आई हैं, जिसे अधिकारी सुलझाने में जुटे हैं।