ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव की तपिश अब बिहार की रसोई तक पहुंच गई है। पिछले तीन दिनों से राज्य में गैस वितरण व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे आम आदमी से लेकर व्यापारियों तक की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

ईरान-इजराइल युद्ध के असर के चलते बिहार में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग पिछले तीन दिनों से बंद है। इसका सीधा असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ा है। वहीं, घरेलू गैस (LPG) के लिए भी हाहाकार मचा है। हबीबपुर के सरदारपुर में गैस एजेंसी के बाहर सुबह से ही 500 मीटर लंबी लाइन देखी जा रही है। पटना, गोपालगंज, खगड़िया और औरंगाबाद में भी लोग सुबह 9 बजे (एजेंसी खुलने के समय) से पहले ही लाइनों में लग रहे हैं। नालंदा में पुलिस की जिप्सी पर सिलेंडर ढोए जाने की तस्वीरें सिस्टम की लाचारी बयां कर रही हैं।

गैस की इस किल्लत ने बिहार की सियासत को भी गरमा दिया है। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पीएम मोदी को घेरते हुए पूछा कि “सिलेंडर की किल्लत का जश्न कब मनेगा?” बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आगाह किया है कि अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो ‘चूल्हा-चौका’ पूरी तरह संकट में आ जाएगा। कांग्रेस ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि गैस की कमी की वजह से कालाबाजारी (Black Marketing) बढ़ने की पूरी संभावना है। पहले से ही महंगी गैस झेल रहे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह दोहरी मार होगी। मांग की गई है कि मुख्यमंत्री स्वयं संज्ञान लें और जमीनी सच्चाई की जांच करवाकर स्थिति को नियंत्रित करें।