IPL 2026 की मिनी ऑक्शन से पहले हर फ्रेंचाइज़ी अपनी रणनीति बनाने में जुट गई है। कौन-सा खिलाड़ी टीम में रहेगा और किसे रिलीज़ किया जाएगा, इस पर मंथन जारी है। लेकिन क्या कोई भी टीम अपनी मर्ज़ी से किसी भी खिलाड़ी को रिटेन कर सकती है? दरअसल, रिटेंशन को लेकर BCCI ने कुछ सख्त नियम तय किए हैं, जिन्हें जानना हर फैन के लिए ज़रूरी है।
आईपीएल 2026 मेगा नीलामी: नई रिटेंशन पॉलिसी और राइट टू मैच कार्ड के नियम पूरी तरह समझें
आईपीएल 2026 के लिए बीसीसीआई ने रिटेंशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब टीमों को असीमित संख्या में खिलाड़ियों को रिटेन करने की पूरी छूट है। चाहे वह कैप्ड भारतीय क्रिकेटर हो (जैसे रोहित शर्मा, विराट कोहली), अनकैप्ड घरेलू टैलेंट हो (जैसे शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल) या कोई विदेशी सुपरस्टार (जैसे जोस बटलर, राशिद खान)। लेकिन यह अनलिमिटेड रिटेंशन दो बड़ी शर्तों के साथ आता है:
– न्यूनतम 25 खिलाड़ियों की स्क्वॉड अनिवार्य
– हर फ्रेंचाइजी को 2026 सीजन के लिए कम से कम 25 खिलाड़ियों की टीम रखनी ही होगी। मतलब, आप 18-20 खिलाड़ियों वाले छोटे स्क्वॉड से काम नहीं चला सकते।
कुल वेतन सीमा 120 करोड़ रुपये
चाहे आप 25 खिलाड़ी रिटेन करें या 33 (अधिकतम स्क्वॉड साइज), कुल सैलरी कैप 120 करोड़ से एक रुपया भी ऊपर नहीं जा सकता। यानी जितने ज्यादा स्टार्स रिटेन करेंगे, उतना ही कम पैसा नीलामी में बचेगा।
खिलाड़ी की मर्जी सबसे ऊपर
अगर कोई खिलाड़ी फ्रेंचाइजी के साथ नहीं रहना चाहता, तो वह रिटेंशन ऑफर ठुकरा सकता है और मेगा नीलामी में जा सकता है। उदाहरण: अगर कोई सीनियर खिलाड़ी नई टीम या बड़ा कॉन्ट्रैक्ट चाहता है, तो वह रिटेन होने से इनकार कर सकता है।
राइट टू मैच (RTM) कार्ड का नया नियम:
– जो टीम जितने कम खिलाड़ी रिटेन करेगी, उसे उतने ज्यादा RTM कार्ड मिलेंगे। लेकिन अब RTM की संख्या और उपयोग पर सख्त कैटेगरी-वाइज लिमिट है:
– अधिकतम 5 कैप्ड खिलाड़ी (भारतीय या विदेशी, जिन्होंने अपने देश के लिए इंटरनेशनल मैच खेला हो)
– अधिकतम 2 अनकैप्ड खिलाड़ी (जो अभी तक इंटरनेशनल डेब्यू न कर पाए हों)
मतलब, अगर कोई टीम सिर्फ 18 खिलाड़ी रिटेन करती है, तो उसे 7 RTM कार्ड मिल सकते हैं, लेकिन उनमें से: 5 कैप्ड खिलाड़ियों के लिए और
2 अनकैप्ड खिलाड़ियों के लिए रहता है।
RTM का इस्तेमाल कैसे होता है?
नीलामी में अगर कोई पूर्व खिलाड़ी (जिसे टीम ने रिटेन नहीं किया) किसी दूसरी फ्रेंचाइजी द्वारा ऊंची बोली लगवाता है, तो पुरानी टीम उस बोली से बिल्कुल बराबर मैच करके खिलाड़ी को वापस ले सकती है। लेकिन अगर दो RTM कार्ड वाली टीमें बोली लगाती हैं, तो ऊंची बोली वाली टीम को प्राथमिकता मिलेगी।
कौन सी टीम सबसे ज्यादा फायदा उठा सकती है?
– CSK, MI, KKR जैसी पुरानी टीमें जो अपने कोर ग्रुप (धोनी, रोहित, नारायण) को लंबे समय तक रखना चाहती हैं।
– नई टीमें (LSG, GT) जो अपने 2022-25 के सफल खिलाड़ियों को बनाए रखना चाहती हैं।
– लेकिन पंजाब किंग्स, RCB, DC जैसी टीमें जो हर बार कोर बदलती रही हैं, उन्हें फिर से बड़ी नीलामी में उतरना पड़ेगा।
रिटेंशन सिस्टम का असली खेल टीम के बजट पर पड़ने वाले असर में छिपा है। जब भी कोई फ्रेंचाइज़ी किसी खिलाड़ी को रिटेन करती है, तो उसके पर्स से तयशुदा राशि अपने-आप घटा दी जाती है, फिर चाहे उस खिलाड़ी का असली वेतन कुछ भी क्यों न हो। यह कटौती पूरी तरह खिलाड़ी की श्रेणी पर निर्भर करती है। मसलन, अगर कोई टीम रोहित शर्मा या विराट कोहली जैसे बड़े नाम को रिटेन करती है, तो उसे भारी रकम गंवानी पड़ती है। वहीं, युवा और उभरते घरेलू खिलाड़ियों को रोकना अपेक्षाकृत सस्ता सौदा साबित होता है।