दिल्ली कार ब्लास्ट 2025: मुख्य आरोपी उमर नबी का खौफनाक वीडियो, ‘इस्लाम में सुसाइड हराम, पर बॉम्बिंग जायज’

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
दिल्ली कार ब्लास्ट 2025 के मुख्य आरोपी और आतंकी उमर नबी से जुड़ा एक और सनसनीखेज वीडियो सामने आया है। यह वीडियो हमले से ठीक पहले रिकॉर्ड किया गया था, जिसमें आतंकी उमर नबी आत्मघाती हमलों की विचारधारा को सही ठहराता दिख रहा है। यह वीडियो जांच एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुराग बन गया है, जो उसकी कट्टरपंथी मानसिकता और आतंकवादी नेटवर्क की गहराई को उजागर करता है।

सामने आए इस वीडियो में उमर नबी एक कमरे में कैमरे के सामने अकेला बैठा है। लगभग एक मिनट 20 सेकंड के इस वीडियो में वह अंग्रेजी में बात करते हुए कह रहा है कि “इस्लाम में सुसाइड हराम (अवैध) है, लेकिन बॉम्बिंग (आत्मघाती हमला) जायज (वैध) है।”

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आतंकी उमर वीडियो में आगे कहता है कि आत्मघाती हमलों की मुख्य समस्या यह है कि जब कोई व्यक्ति यह मान लेता है कि उसकी मौत एक निश्चित समय और स्थान पर होगी, तो वह एक खतरनाक मानसिक स्थिति में चला जाता है। ऐसी मानसिकता में, वह व्यक्ति मानने लगता है कि मौत ही उसकी एकमात्र मंजिल है। हालांकि, वह यह भी स्वीकार करता है कि ऐसी परिस्थितियां या सोच किसी भी लोकतांत्रिक या इंसानी व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकती, क्योंकि ये जीवन, समाज और कानून के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करती हैं।

यह खौफनाक वीडियो सामने आने के बाद जांच एजेंसियां इसकी गहनता से जांच कर रही हैं। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आतंकी उमर नबी ने इससे पहले या बाद में भी कोई अन्य वीडियो बनाए थे और इन वीडियो को किस नेटवर्क के माध्यम से प्रसारित करने की योजना थी।

ईडी का बड़ा एक्शन: 30 ठिकानों पर छापेमारी
एक तरफ जहां आतंकी उमर नबी के वीडियो की जांच चल रही है, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने व्हाइट कॉलर टेररिज्म और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने चार राज्यों के 30 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन किया है।

यह मामला “अल फलाह यूनिवर्सिटी” से जुड़ा हुआ है। ईडी ने हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केस दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, यह सर्च ऑपरेशन फरीदाबाद, दिल्ली, और मध्य प्रदेश सहित चार राज्यों में किया जा रहा है।

जांच के दायरे में अल फलाह ट्रस्ट और उससे जुड़े संस्थानों की भूमिका है। इस सर्च ऑपरेशन में फाइनेंस और एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े प्रमुख जिम्मेदार व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है। ईडी विशेष रूप से एक ही पते पर रजिस्टर्ड नौ शेल कंपनियों के ग्रुप से जुड़ी भूमिका की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं जो शेल कंपनियों के पैटर्न से मेल खाते हैं, जैसे बिजनेस लोकेशन पर कोई भौतिक उपस्थिति या बिजली/यूटिलिटी खपत का रिकॉर्ड नहीं होना।

बता दें कि कुछ दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी, ईडी और एनआईए के प्रमुख अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में यह फैसला लिया गया था कि दिल्ली ब्लास्ट और आतंकियों के “व्हाइट कॉलर टेररिज्म” से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के हर इनपुट को सतर्कता से खंगाला जाए। इसी फैसले के बाद ईडी और एनआईए को विशेष तौर पर जांच करने का ग्रीन सिग्नल दिया गया था।

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