सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में अवैध खनन और जमीनी फर्जीवाड़े के खिलाफ सरकार ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अवैध खनन के सिंडिकेट को पूरी तरह ध्वस्त करने का आदेश दिया है। उनके इस कड़े रुख के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं।
खनन विभाग में निलंबन की कार्रवाई:
बिहार सरकार ने अवैध खनन की धांधली के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए दरभंगा के खान निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर विभागीय कार्यों में अनियमितता और लापरवाही के गंभीर आरोप लगे थे। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दरभंगा के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) को अवैध खनन के सिंडिकेट को पूरी तरह ध्वस्त करने का आदेश दिया है।
निर्दोषों को नहीं फंसने देंगे:
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य असली दोषियों को सजा दिलाना है, लेकिन इस प्रक्रिया में किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, “अवैध खनन के किसी भी स्तर पर मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
16 जनवरी को विशेष जागरूकता शिविर:
खनन नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए राज्य सरकार 16 जनवरी को पूरे बिहार में विशेष शिविर आयोजित करेगी। इन शिविरों में लाइसेंस, परिवहन और भंडारण के कानूनी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही, आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर अवैध खनन गतिविधियों की गुप्त सूचना प्रदान करें।
‘ऑनस्पॉट’ न्याय का दूसरा चरण:
विजय कुमार सिन्हा अब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सक्रिय हो गए हैं। मुजफ्फरपुर में अधिकारियों की क्लास लगाने के बाद, अब 4 जनवरी को भागलपुर के टाउन हॉल में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में सिन्हा लोगों से संवाद करेंगे और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अगले कदमों पर चर्चा करेंगे।
यह कदम यह संकेत देता है कि राज्य सरकार अवैध खनन, जमीनी फर्जीवाड़े और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर बिल्कुल गंभीर है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।