टी20 वर्ल्ड कप 2026 अपने आखिरी पड़ाव पर है। एक महीने के लंबे सफर और 54 मैचों के रोमांच के बाद अब दुनिया को उसका नया चैंपियन मिलने वाला है। 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खिताबी भिड़ंत होगी। जहाँ टीम इंडिया तीसरी बार ट्रॉफी उठाने के इरादे से मैदान में उतरेगी, वहीं कीवी टीम अपने पहले टी20 वर्ल्ड कप खिताब की तलाश में है। लेकिन अगर इस महामुकाबले में बारिश विलेन बन गई, तो चैंपियन का फैसला कैसे होगा? आइए आसान भाषा में समझते हैं आईसीसी के नियम।
रिजर्व डे (Reserve Day) का प्रावधान;
अगर 8 मार्च को बारिश की वजह से खेल नहीं हो पाता है, तो आईसीसी ने 9 मार्च को ‘रिजर्व डे’ के रूप में रखा है। अंपायर्स की पहली प्राथमिकता होगी कि 8 मार्च को ही मैच संपन्न हो। डकवर्थ-लुईस नियम लागू करने के लिए कम से कम 10-10 ओवर का खेल होना अनिवार्य है। अगर 8 मार्च को एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी या मैच बीच में रुक गया, तो खेल अगले दिन (9 मार्च) वहीं से शुरू होगा जहाँ पिछले दिन रुका था।
अगर रिजर्व डे पर भी खेल न हो सका?
अगर किस्मत खराब रही और 9 मार्च को भी बारिश के कारण मैच संभव नहीं हो पाया (या कम से कम 10-10 ओवर का खेल नहीं हो सका), तो नियम बेहद स्पष्ट हैं कि ऐसी स्थिति में भारत और न्यूजीलैंड दोनों को संयुक्त रूप से वर्ल्ड चैंपियन घोषित कर दिया जाएगा। और दोनों टीमें ट्रॉफी साझा करेंगी। क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहले भी हो चुका है, जब 2002 की चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में बारिश के चलते भारत और श्रीलंका को संयुक्त विजेता चुना गया था। करोड़ों फैंस यही दुआ करेंगे कि आसमान साफ रहे और अहमदाबाद में हमें एक पूरा और रोमांचक फाइनल देखने को मिले।