नौकरी के बदले जमीन केस में बड़ा अपडेट! 19 दिसंबर को अगली सुनवाई, CBI दाखिल करेगी अहम रिपोर्ट…

Ritu Raj

जमीन के बदले नौकरी से जुड़े बहुचर्चित सीबीआई मामले में एक बार फिर सुनवाई टल गई है। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव, तेज प्रताप यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकी। राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार की सुनवाई के बाद मामले की अगली तारीख 19 दिसंबर तय करते हुए सीबीआई को अतिरिक्त समय दिया है। एजेंसी ने अदालत को बताया कि वह सभी आरोपियों से जुड़ी विस्तृत वेरिफिकेशन रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले दाखिल करेगी, जिसके बाद ही आरोप तय करने की प्रक्रिया पर आगे विचार हो सकेगा।

दरअसल, इस केस में सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव सहित कुल 103 लोगों को आरोपी बनाया है। हालांकि जांच एजेंसी ने अदालत को जानकारी दी है कि इनमें से चार आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है। इसी कारण अदालत यह स्पष्ट करना चाहती है कि फिलहाल कितने आरोपी जीवित हैं और किनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है। दरअसल, इससे पहले 11 दिसंबर को राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय करने की प्रक्रिया को 15 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया था। उस दौरान अदालत ने सीबीआई को सभी आरोपियों की वर्तमान स्थिति से जुड़ी विस्तृत वेरिफिकेशन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। 8 दिसंबर को भी एजेंसी को दो दिन का अतिरिक्त समय दिया गया था, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि किन आरोपियों का निधन हो चुका है और किनके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है।

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वहीं, सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी का दावा है कि रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से जमीन ली गई और इसमें बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ। चार्जशीट के मुताबिक, जमीन से जुड़े अधिकांश लेन-देन नकद में किए गए, जबकि कुछ मामलों में केवल सेल डीड के दस्तावेज मौजूद हैं। इस मामले में सीबीआई ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 8, 9, 11, 12 और 13 के तहत आरोप तय करने की मांग की है।

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