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बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। इसी बीच बिहार सरकार के मंत्री और लोजपा (रामविलास) के कद्दावर नेता संजय कुमार सिंह की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात ने सियासी गलियारों में चर्चाएं गर्म कर दी हैं। महुआ विधानसभा सीट पर राजद के बड़े चेहरों को पटखनी देने वाले संजय सिंह अपने पूरे परिवार के साथ दिल्ली में शाह से मिले, जिसे महज एक ‘शिष्टाचार भेंट’ से कहीं अधिक माना जा रहा है।
परिवार संग पहुंचे दिल्ली, सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें
बिहार सरकार के मंत्री संजय कुमार सिंह अपनी पत्नी और बेटे के साथ देश के गृह मंत्री से मिलने उनके आवास पहुंचे। इस मुलाकात के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह जी से सपरिवार शिष्टाचार मुलाकात हुई। यह भेंट अत्यंत सुखद और प्रेरणादायी रही। राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण हम सभी के लिए मार्गदर्शक है।” जानकारों का मानना है कि परिवार के साथ ऐसी मुलाकातें व्यक्तिगत आत्मीयता के साथ-साथ केंद्र में मजबूत पकड़ का भी संकेत देती हैं।
तेज प्रताप यादव और मुकेश रौशन को दी थी करारी शिकस्त
संजय सिंह की इस मुलाकात के मायने उनकी हालिया चुनावी जीत से जुड़े हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में महुआ सीट एक ‘हॉट सीट’ बन गई थी। यहाँ राजद नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने पूरी ताकत झोंक दी थी। हालांकि, संजय सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 87,641 वोट हासिल किए। उन्होंने राजद प्रत्याशी डॉ. मुकेश रौशन को 44,997 मतों के भारी अंतर से हराया, जबकि तेज प्रताप यादव तीसरे स्थान पर खिसक गए।
चिराग पासवान के ‘संकटमोचक’ और नीतीश के भरोसेमंद
संजय कुमार सिंह को केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का सबसे विश्वसनीय साथी माना जाता है। 2020 की हार के बाद उन्होंने जिस तरह जमीन पर काम किया और 2025 में बड़ी जीत दर्ज की, उसी का इनाम उन्हें नीतीश कैबिनेट में जगह के रूप में मिला। वे लोजपा (रा) कोटे से मंत्री बने हैं। अमित शाह से उनकी यह नजदीकी यह दर्शाती है कि एनडीए गठबंधन में उनका कद अब केवल प्रदेश स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि केंद्रीय नेतृत्व भी उनकी क्षमता पर भरोसा कर रहा है।