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बिहार के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “भारत में जिसे प्रभु श्रीराम से परेशानी है, उसे कोई नहीं बचा सकता।” यह बयान उन्होंने कांग्रेस द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में दिया। गिरिराज सिंह ने दिनकर गेस्ट हाउस में विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए यह टिप्पणी की और यह भी कहा कि कांग्रेस को भगवान राम के नाम से दिक्कत है, जो उनके लिए एक गंभीर विषय है।
कांग्रेस के शासनकाल में मनरेगा पर उठे सवाल
गिरिराज सिंह ने मनरेगा योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय मनरेगा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस योजना में पारदर्शिता लाई गई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अब योजना के तहत मजदूरों के खातों में सीधे पैसा भेजा जा रहा है, जो कांग्रेस के शासनकाल में नहीं होता था।
केंद्रीय मंत्री ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि कांग्रेस ने 10 वर्षों में मनरेगा के तहत देशभर में 2.13 लाख करोड़ रुपये दिए, जबकि मोदी सरकार ने 8.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि मजदूरों को दी है। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस के समय में मनरेगा के तहत 100 दिन से अधिक काम के लिए राज्यों को केंद्र से अनुमति लेनी पड़ती थी, लेकिन अब मोदी सरकार ने सवा सौ (125) दिन काम की व्यवस्था लागू की है, जिसमें किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
गांवों में विकास कार्यों का खाका
गिरिराज सिंह ने कहा कि पंचायत स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण किया जाएगा, चाहे वह जीविका भवन हो, विवाह भवन हो या गोदाम। इस योजना के तहत, पंचायतें गांवों में विकास कार्यों को तय करेंगी और उनका प्रदर्शन भी उसी गांव में होगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की समस्या को ध्यान में रखते हुए, 60 दिनों का गैप रखा गया है ताकि खेती के समय मजदूरों की उपलब्धता बनी रहे।
महात्मा गांधी की प्रेरणा से मोदी सरकार का कदम
केंद्रीय मंत्री ने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि गांधी जी गरीबों के उत्थान की बात करते थे, और इसी भावना के तहत मोदी सरकार ने मनरेगा के 100 दिन से बढ़ाकर सवा सौ दिन किया और बजट को 2 लाख करोड़ से बढ़ाकर 8.5 लाख करोड़ कर दिया। अंत में गिरिराज सिंह ने विपक्ष से सवाल किया कि कांग्रेस और विपक्ष यह साफ बताए कि उन्हें मजदूरों के लिए 100 दिन से नफरत है या सवा सौ दिन से, ताकि देश की जनता सच्चाई जान सके।