सिटी पोस्ट लाइव
रात 11 बजे से पटना में लगातार बारिश हो रही है.डाक बंगला रोड, पटना जंक्शन, बोरिंग रोड, राजेन्द्र नगर और स्टेशन जैसे हाईफाई इलाकों में घुटनों तक भरा पानी भर चूका है। रविवार देर रात से शुरू हुई झमाझम बारिश ने पटना को पानी पानी कर दिया है। शहरवासी अपने घरों में कैद हो गए हैं। एक रात की बारिश ने पटना नगर निगम की तमाम तैयारियों पर पानी फेर दिया है।
डाक बंगला रोड, पटना जंक्शन, बोरिंग रोड, राजेन्द्र नगर और स्टेशन जैसे हाईफाई इलाकों में घुटनों तक भरा पानी भर चूका है। पटना जंक्शन के रेलवे ट्रैक पर पानी चढ़ चुका है। रेल और सड़क दोनों ही पस्त हैं, और जनता त्रस्त।स्कूल वैन समय पर नहीं पहुंचीं, दफ्तर जाने वाले लोग घरों में कैद हो गए, बच्चों और बुज़ुर्गों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। सड़कें छोटे-छोटे दरिया में तब्दील हो गई हैं। हर बरस नगर निगम करोड़ों खर्च कर जल निकासी की “व्यवस्था” की बात करता है। दावे होते हैं कि नालों की सफाई हो चुकी है, मशीनें तैनात हैं, कंट्रोल रूम सतर्क है। लेकिन घंटे दो घंटे की बारिश में राजधानी पानी पानी हो जाती है।
लोग फिसल रहे हैं, गाड़ियाँ बंद हो रही हैं, ट्रैफिक जाम के जाल में ज़िंदगी खुद फंसी नजर आ रही है। पैदल चलने वालों की हालत ऐसी है कि उन्हें हर क़दम उठाते हुए यह डर है कि कहीं ढँका नाला न हो, कहीं बिजली का करंट न दौड़ जाए। शहर का जनजीवन ठप्प पद गया है। लोगों की दिनचर्या, व्यापार, स्कूल, अस्पताल सब पर पानी फिर गया है। सवाल यह नहीं कि पटना में जलजमाव क्यों हुआ। सवाल यह है कि हर साल यही क्यों होता है? सवाल यह है कि कब तक लोग इस ‘नरकीय व्यवस्था’ को झेलेंगे?