बिहार की राजनीति के लिए मौजूदा वक्त बेहद गहमागहमी भरा साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सोमवार को बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद राज्य में ‘सियासी भूकंप’ जैसी स्थिति है। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष के नेता इस फैसले को लेकर भावुक नजर आ रहे हैं, वहीं विपक्ष ने इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सोची-समझी साजिश करार दिया है।

सुनील कुमार की मांग;
इस पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एमएलसी सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से मांग की है कि इस्तीफे पर किए गए नीतीश कुमार के हस्ताक्षर की जांच होनी चाहिए। इस पर उन्होंने कहा- “छोटे से छोटे पद का इस्तीफा भी अधिकृत व्यक्ति के सामने दिया जाता है। इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए कि हस्ताक्षर असली हैं या फर्जी।”
विपक्ष का ‘दबाव’ वाला दावा;
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत विपक्षी नेताओं का आरोप है कि भाजपा ने नीतीश कुमार पर दबाव बनाकर उनसे जबरदस्ती इस्तीफा लिया है। विपक्ष का कहना है कि जिस तरह से आनंद-फानन में यह प्रक्रिया पूरी हुई, वह कई संदेह पैदा करती है।
हस्ताक्षर की शैली में क्या है बदलाव?
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके साइन करने के तरीके पर हो रही है। जानकारों और राजनीतिक हलकों में दो मुख्य बातें सामने आ रही हैं। इस बार नीतीश कुमार ने अपना नाम पूरी तरह हिंदी (देवनागरी लिपि) में लिखा है। पहले उनके हस्ताक्षर में हिंदी और उर्दू (फारसी) का मिश्रण दिखता था, जहां वे नाम का पहला हिस्सा हिंदी और सरनेम उर्दू शैली में लिखते थे। रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह बदलाव दिसंबर 2025 से ही दिखना शुरू हो गया था, जब उन्होंने संपत्ति की घोषणा और राज्यसभा नामांकन के दौरान केवल हिंदी में हस्ताक्षर किए थे।

अगला कदम: राज्यसभा की ओर?
कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार और नितिन नवीन (जिन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दिया है) 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। रविवार को हुई जेडीयू की हाई-लेवल मीटिंग, जिसमें ललन सिंह और संजय झा जैसे दिग्गज शामिल थे, इसी भावी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। जहाँ एक ओर विशेषज्ञ हस्ताक्षर में बदलाव का कारण बढ़ती उम्र मान रहे हैं, वहीं राजद द्वारा ‘सिग्नेचर विवाद’ को तूल देने से आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और गरमाने के आसार हैं।