नीट छात्रा की मौत पर पटना में बवाल, पूर्णिया में सामूहिक दुष्कर्म; महिला आयोग ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश…

Ritu Raj

बिहार में शनिवार को हुई दो हृदयविदारक घटनाओं ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया है और पुलिस प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

पटना: नीट छात्रा की संदिग्ध मौत और परिजनों का हंगामा;
पटना के चित्रगुप्त नगर थाना अंतर्गत मुन्नाचक इलाके में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
– परिजनों के आरोप: मृतका के पिता और रिश्तेदारों का दावा है कि छात्रा के शरीर पर चोट के कई निशान हैं। उनका आरोप है कि दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई है।
– दबाने की कोशिश: परिजनों का यह भी आरोप है कि हॉस्टल संचालक ने पैसे का लालच देकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की।
– जनाक्रोश: घटना के विरोध में परिजनों ने कारगिल चौक पर शव रखकर प्रदर्शन किया, जिसे हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। फिलहाल 5 थानों की पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तैनात है।

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पूर्णिया: थाने के पास सामूहिक दुष्कर्म;
पूर्णिया के डगरुआ थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया।
स्थान: यह घटना शनिवार रात बैरियर के पास स्थित एक कमरे में हुई।
आयोग का रुख: महिला आयोग ने इसे पुलिस की चौकसी में बड़ी चूक माना है और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।

महिला आयोग का कड़ा रुख;
बिहार राज्य महिला आयोग ने दोनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
दोनों मामलों की नियमानुसार निष्पक्ष जांच की जाए।
संलिप्त दोषियों के विरुद्ध त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपी जाए।

गौरतलब है कि जहाँ पटना पुलिस ने पिता के आवेदन पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, वहीं पूर्णिया मामले ने पुलिस की गश्त और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन पर अब जल्द से जल्द न्याय दिलाने का भारी दबाव है।

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