तेजस्वी यादव की ‘बिहार अधिकार यात्रा’ शुरू, 66 सीटों पर 50-50 की टक्कर वाली सीटों पर नज़र

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के बाद अब राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ‘बिहार अधिकार यात्रा’ पर निकल गए हैं। तेजस्वी ने मंगलवार को जहानाबाद से अपनी यात्रा का आगाज किया, जिसका समापन 20 सितंबर को वैशाली में होगा। इस पाँच दिवसीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए सियासी माहौल बनाना है।

यात्रा का रूटमैप और सियासी समीकरण
आरजेडी ने तेजस्वी की यात्रा का रूटमैप बहुत ही रणनीतिक तरीके से तैयार किया है। इस यात्रा में वे पाँच दिनों में 10 जिलों की 66 विधानसभा सीटों को कवर करेंगे, जो राज्य की कुल 243 सीटों का 27% है। तेजस्वी की यात्रा जहानाबाद से शुरू होकर नालंदा, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल और समस्तीपुर होते हुए वैशाली पहुँचेगी। इस दौरान वे जनसंपर्क और जनसंवाद के माध्यम से लोगों से जुड़ेंगे।

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यह यात्रा खासकर उन 66 सीटों पर केंद्रित है, जहाँ 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ी टक्कर थी। उन चुनावों में एनडीए ने 34 सीटें जीती थीं, जबकि महागठबंधन के खाते में 32 सीटें आई थीं। इन 32 सीटों में से 23 सीटें आरजेडी, 3 कांग्रेस और 6 सीटें वामपंथी पार्टियों ने जीती थीं।

कमजोर गढ़ों को मजबूत करने की रणनीति
तेजस्वी ने अपनी यात्रा की शुरुआत आरजेडी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले जहानाबाद से की है, जहाँ पिछले चुनाव में एनडीए का सूपड़ा साफ हो गया था। इसके बाद वे नीतीश कुमार के गढ़ नालंदा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के गढ़ बेगूसराय और पप्पू यादव के गढ़ मधेपुरा व सुपौल जैसे क्षेत्रों से भी गुजरेंगे। तेजस्वी की रणनीति अपने मजबूत क्षेत्रों को बनाए रखने के साथ-साथ उन इलाकों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराना है, जहाँ पार्टी कमजोर है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस यात्रा से तेजस्वी एक तरफ जहाँ पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना चाहते हैं, वहीं सीधे जनता से जुड़कर लालू प्रसाद यादव की विरासत को भी आगे बढ़ाना चाहते हैं। आरजेडी का मानना है कि तेजस्वी की यात्रा किसानों, युवाओं, महिलाओं और रोजगार जैसे मुद्दों को उठाकर जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगी।

पार्टी ने इस यात्रा को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। सभी जिला अध्यक्षों और विधायकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बड़ी संख्या में भीड़ जुटाएँ ताकि तेजस्वी यादव सीधे लोगों से संवाद कर सकें। यह यात्रा आरजेडी की चुनावी तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है, जिससे पार्टी को एक नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

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