जब दो जिलों की कमान हो एक ही घर में… तो कैसे मैनेज होती है पर्सनल लाइफ? अफसरों की शादी और छुट्टी से जुड़े दिलचस्प नियम…

Ritu Raj

यह जानकर वाकई सुखद लगता है कि सार्वजनिक सेवा के दो स्तंभ जब व्यक्तिगत जीवन में एक होते हैं, तो वह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो जिम्मेदारियों का भी मिलन होता है। अंशिका वर्मा (SP South, बरेली) और कृष्ण कुमार बिश्नोई (SP, संभल) जैसे ‘पावर कपल्स’ की चर्चा अक्सर उनके पद के कारण होती है, लेकिन उनके निजी और पेशेवर जीवन के बीच का संतुलन किसी जटिल गणित से कम नहीं है। जब दो आईपीएस या आईएएस अधिकारी परिणय सूत्र में बंधते हैं, तो उनकी चुनौतियां “9 से 5” की नौकरी वाले जोड़ों से बिल्कुल अलग होती हैं। यहाँ नियम, जिम्मेदारी और व्यक्तिगत जीवन का एक त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिलता है।

कैडर और पोस्टिंग;
पुराने समय में पति-पत्नी का अलग-अलग राज्यों (कैडर्स) में होना उनके व्यक्तिगत जीवन के लिए एक बड़ी बाधा थी। अब केंद्र सरकार ‘मैरिज ग्राउंड’ के आधार पर कैडर बदलने की अनुमति देती है। हालांकि, नियम यह है कि कोई भी अधिकारी अपने गृह राज्य (Home State) में ट्रांसफर नहीं ले सकता। यदि पति और पत्नी दोनों के गृह राज्य अलग हैं, तो वे किसी एक के कैडर में या किसी तीसरे कैडर में साथ रहने का विकल्प चुन सकते हैं।

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छुट्टी का गणित;
प्रशासनिक शब्दावली में छुट्टी कभी ‘अधिकार’ नहीं मानी गई। तकनीकी रूप से दोनों अधिकारी एक साथ छुट्टी मांग सकते हैं, लेकिन सक्षम प्राधिकारी (जैसे डीएम या शासन के सचिव) कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए इसे खारिज कर सकते हैं। वहीं, दिवाली, होली या चुनाव जैसे समय पर, जहाँ पुलिस और प्रशासन की उपस्थिति अनिवार्य है, इन जोड़ों के लिए साथ समय बिताना लगभग असंभव हो जाता है। अक्सर एक की छुट्टी मंजूर होती है तो दूसरे को ड्यूटी पर डटा रहना पड़ता है।

विदेश यात्रा और पारदर्शिता;
इन अधिकारियों के लिए विदेश जाना केवल टिकट बुक करने जैसा सरल नहीं है। उन्हें ‘एक्स-इंडिया लीव’ की अनुमति लेनी पड़ती है। सरकार को यात्रा का उद्देश्य, ठहरने का पता और सबसे महत्वपूर्ण है कि खर्च का वित्तीय स्रोत बताना अनिवार्य होता है। यह पारदर्शिता भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों का हिस्सा है।

आधुनिक बदलाव;
बदलते समय के साथ नियमों में मानवीय संवेदनाएं भी शामिल हुई हैं। बता दें कि अब केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष अधिकारी भी बच्चों की देखभाल के लिए लंबी छुट्टी के हकदार हैं। यह बदलाव ‘पावर कपल्स’ को अपने पेशेवर दायित्वों के बीच परिवार को प्राथमिकता देने का मौका देता है।

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