पुलिस सब-इंस्पेक्टर से PM किसान योजना के नाम पर 5.5 लाख की साइबर ठगी, झारखंड से 2 गिरफ्तार

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के बक्सर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर को साइबर ठगी का शिकार बनाया गया। राजपुर थाने के पूर्व थानाध्यक्ष और डीआईयू टीम के प्रमुख रहे युसूफ अंसारी के साथ यह धोखाधड़ी पीएम किसान योजना के नाम पर की गई। इस घटना के बाद साइबर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झारखंड के देवघर से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और ठगी गई राशि का एक बड़ा हिस्सा भी बरामद किया।

कैसे हुई ठगी?
साइबर डीएसपी और थानाध्यक्ष अविनाश कश्यप ने बताया कि यह घटना 26 जुलाई 2025 को हुई। उस दिन पुलिस लाइन में तैनात एसआई युसूफ अंसारी के व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल (APK file) भेजी गई। यह फाइल पीएम किसान योजना से संबंधित थी। जैसे ही उन्होंने उस फाइल को खोलने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल सिम अचानक बंद हो गया।

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जब वे सिम को फिर से चालू कराने के लिए कंपनी के स्टोर पर गए, तो उन्हें पता चला कि उनका आधार कार्ड भी ब्लॉक हो चुका था। आधार कार्ड को फिर से चालू कराने के बाद उन्होंने जब अपना बैंक अकाउंट चेक किया, तो उनके होश उड़ गए। उनके खाते से 5 लाख 48 हजार 887 रुपए गायब हो चुके थे।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, झारखंड से हुई गिरफ्तारी
युसूफ अंसारी ने तुरंत इस मामले की शिकायत साइबर थाना में दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद, पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल किए गए व्हाट्सएप नंबर के आधार पर जांच शुरू की। तकनीकी मदद और साइबर विशेषज्ञों की टीम ने ठगों के लोकेशन को ट्रैक किया और उन्हें झारखंड के देवघर जिले में पाया।

पुलिस टीम ने तुरंत दबिश दी और दो आरोपियों, मनोज दास और सुभाष दास को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय, उनके पास से ठगी गई राशि में से 4 लाख 90 हजार रुपए भी बरामद किए गए। पूछताछ के बाद, दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

गिरफ्तारी टीम में साइबर थानाध्यक्ष अविनाश कश्यप के साथ पुलिस निरीक्षक रामरतन पंडित, शुभम राम, श्रीकांत, डीआईयू के चंदन कुमार और पुलिस बल के जवान शामिल थे। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर ठग कितने सक्रिय हैं और आम लोगों के साथ-साथ पुलिसकर्मी भी उनके निशाने पर हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी भी योजना के नाम पर आने वाली फाइलों से सावधान रहें।

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