डिजिटल क्रांति की मिसाल बना भारत, पेमेंट में रचा नया रिकॉर्ड!…

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव

भारत ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया है कि वह डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। डिजिटल पेमेंट के मामले में भारत ने नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। भारत ने फास्ट और सिक्योर डिजिटल पेमेंट सेक्टर में दुनिया में पहला स्थान हासिल किया है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की रिपोर्ट के मुताबिक, य़ूपीआई की बदौलत भारत ने डिजिटल ट्रांजैक्शन में यह मुकाम हासिल किया है।

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बता दें, 2016 में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा शुरू किया गया UPI आज देश में पैसे के लेन-देन का सबसे आसान और पॉपुलर तरीका बन चुका है। UPI की मदद से लोग एक ही मोबाइल एप से अपने कई बैंक अकाउंट को जोड़ सकते हैं। और कुछ ही सेकेंड में सुरक्षित, कम लागत वाले लेनदेन कर सकते हैं। वहीं, NPCI के अनुसार, UPI से हर महीने 1,800 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन होते हैं। जून 2025 में UPI ने 1,839 करोड़ ट्रांजैक्शन के साथ 24.03 लाख करोड़ रुपए का कारोबार किया, जो पिछले साल जून 2024 के 1,388 करोड़ ट्रांजैक्शन की तुलना में 32% अधिक है। PIB ने UPI को लेकर कहा, यह भारत को कैश और कार्ड बेस्ड पेमेंट से दूर ले जाकर डिजिटल-डॉमिनेटेड इकोनॉमी की ओर बढ़ाया है।’ यह मंच न केवल बड़े बिजनेस के लिए, बल्कि छोटे दुकानदारों और आम लोगों के लिए फाइनेंशियल इंक्लूजन का एक मजबूत साधन बन गया है। आज भारत में 85% डिजिटल पेमेंट UPI के जरिए हो रहे हैं।

हालांकि, UPI सर्विस के लिए आपको एक वर्चुअल पेमेंट एड्रेस तैयार करना होता है। इसके बाद इसे बैंक अकाउंट से लिंक करना होगा। इसके बाद आपका बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का नाम या IFSC कोड आदि याद रखने की जरूरत नहीं होती। पेमेंट करने वाला बस आपके मोबाइल नंबर के हिसाब से पेमेंट रिक्वेस्ट प्रोसेस करता है। अगर, आपके पास उसका UPI आईडी (ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर या आधार नंबर) है तो आप अपने स्मासर्टफोन के जरिए आसानी से पैसा भेज सकते हैं। न सिर्फ पैसा बल्कि यूटिलिटी बिल पेमेंट, ऑनलाइन शॉपिंग, खरीदारी आदि के लिए नेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड भी जरूरत नहीं होगी। ये सभी काम आप यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस सिस्टम से कर सकते हैं।

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