सिटी पोस्ट लाइव
पीएमसीएच में बंधक बना कर, नामदार यूटूबर मनीष कश्यप की ट्रेनी डॉक्टर्स और दलालों के द्वारा जबरदस्त पिटाई का मामला अभी ठंढ़ा भी नहीं हुआ था कि आज पटना एम्स में शिवहर के विधायक और बाहुबली पूर्व सांसद चेतन आनंद से वहाँ के गार्डों के द्वारा मारपीट किये जाने की खबर से पूरे बिहार में सनसनी फैल गयी है।
मिली जानकारी के दौरान विधायक चेतन आनंद अपने कुछ समर्थकों के साथ AIIMS में मरीज को देखने पहुँचे । इसी दौरान किसी बात को ले कर SSS का बिल्ला लगाए एक गार्ड से कहा सुनी हो गयी। इसके बाद बड़ी सँख्या में SSS का बिल्ला लगाए गार्डों का हुजूम पहुँचा और उन्होंने मिल कर विधायक चेतन आनंद और उनके समर्थकों के साथ मारपीट की। बताना जरूरी है कि इसी साल अप्रैल महीने में पटना हाईकोर्ट के माननीय जस्टिस भी एम्स पहुँचे थे, जहाँ उनके गार्ड से कहासुनी हो गयी थी और इसके परिणामस्वरूप SSS बिल्ला लगाए हुए गार्ड ने फायरिंग भी की थी लेकिन उस मामले की लीपापोती हो गयी थी। आसपास के सूत्रों की मानें तो एम्स में कार्यरत SSS बिल्ला वाले गार्डों ने आतंक मचा रखा है। ये किसी की नहीं सुनते हैं और आमलोगों से कभी भी मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। घटना की विस्तृत जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है।
बिहार के बाहुबली नेता ,पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह के विधायक बेटे चेतन आनंद की पिटाई हो गई है। सीतामढ़ी की मौजूदा सांसद लवली आनंद के पुत्र चेतन आनंद शिवहर विधानसभा से विधायक हैं। उनके साथ पटना एम्स में मारपीट और बदसलूकी की घटना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक विधायक चेतन आनंद एक मरीज से मिलने एम्स पहुंचे थे, जहां उनकी सुरक्षा गार्ड से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
विधायक ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मी ने न सिर्फ उनके साथ बदसलूकी की, बल्कि मारपीट भी की। इस संबंध में उन्होंने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जांच जारी है और एम्स प्रशासन ने भी घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हल्का तनाव देखा गया। चेतन आनंद शिवहर विधानसभा से विधायक हैं।वे पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह और सीतामढ़ी की मौजूदा सांसद लवली आनंद के पुत्र हैं.इतने प्रभावशाली विधायक की कैसे पिटाई हो गई ? अब क्या करेगें आनद मोहन सिंह? ये तमाम सवाल सबके जेहन में उठ रहे हैं।
गौरतलब है कि 2020 में चेतन आनंद ने अपनी मां के साथ RJD में शामिल होकर शिवहर से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। बाद में नीतीश सरकार के विश्वास मत के दौरान उन्होंने आरजेडी से बगावत कर दी और नीतीश कुमार के साथ चले गए। उन्हें उम्मीद थी कि मंत्री बनाए जायेगें लेकिन नीतीश कुमार ने उन्हें केवल मंत्री का बंगला देकर चुप्पी साध ली।