तिरंगे में लिपटा लौट आया वीर सपूत शहीद संतोष यादव को पूरे गांव ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

Deepak Sharma

कश्मीर में हवलदार संतोष यादव ने दी सर्वोच्च बलिदान, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार ने एक बार फिर अपना वीर सपूत खो दिया। भागलपुर जिले के इस्माइलपुर प्रखंड अंतर्गत भीठा गांव निवासी भारतीय सेना के हवलदार संतोष यादव ने जम्मू-कश्मीर में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। संतोष यादव सर्च ऑपरेशन के दौरान एक खाई में गिरने से शहीद हो गए। यह हादसा सोमवार रात को हुआ, जब वह आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में शामिल थे।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

हवलदार संतोष यादव पिछले तीन वर्षों से जम्मू-कश्मीर में तैनात थे और भारतीय सेना में वर्ष 2001 से सेवा दे रहे थे। परिजनों के अनुसार वे जल्द ही सेवानिवृत्त होने की प्रक्रिया में थे और घर लौटकर बच्चों की पढ़ाई और माता-पिता की सेवा करना चाहते थे। लेकिन इससे पहले ही वे वीरगति को प्राप्त हो गए। उनकी शहादत की खबर जब उनके पैतृक गांव पहुंची, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। गांव में मातम पसर गया और हर आंख नम हो गई।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, “बिहार के एक और वीर सपूत, भागलपुर के इस्माइलपुर प्रखंड के भीठा गांव निवासी हवलदार संतोष यादव ने कश्मीर में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्हें सादर नमन। उनकी वीरता, निष्ठा और देशभक्ति हर भारतवासी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।”

राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

हवलदार संतोष यादव को गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। हजारों की संख्या में ग्रामीण उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़े। इस भावुक क्षण में भारतीय सेना के ब्रिगेडियर ने शहीद के सैन्य वस्त्र और तिरंगा उनकी बेटी को सौंपा, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। यह दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया, लेकिन उनके बलिदान पर हर भारतीय को गर्व भी है। देश उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा और उनकी शहादत हर भारतवासी के दिल में अमर रहेगी।

Share This Article